भारत के शहरो व राज्य के भौगोलिक उपनाम

1. ईश्वर का निवास स्थान – प्रयाग
2. पांच नदियों की भूमि -पंजाब
3. सात टापुओं का नगर- मुंबई
4. बुनकरों का शहर- पानीपत
5. अंतरिक्ष का शहर बेंगलुरू
6. डायमंड हार्बर -कोलकाता
7. इलेक्ट्रॉनिक नगर -बेंगलुरू
8. त्योहारों का नगर -मदुरै
9. स्वर्ण मंदिर का शहर -अमृतसर
10. महलों का शहर कोलकाता
11. नवाबों का शहर- लखनऊ
12. इस्पात नगरी -जमशेदपुर
13. पर्वतों की रानी -मसूरी
14. रैलियों का नगर -नई दिल्ली
15. भारत का प्रवेश द्वार मुंबई
16. पूर्व का वेनिस- कोच्चि
17. भारत का पिट्सबर्ग -जमशेदपुर
18. भारत का मैनचेस्टर- अहमदाबाद
19. मसालों का बगीचा -केरल
20. गुलाबी नगर- जयपुर
21. क्वीन ऑफ डेकन- पुणे
22. भारत का हॉलीवुड -मुंबई
23. झीलों का नगर -श्रीनगर
24. फलोद्यानों का स्वर्ग -सिक्किम
25. पहाड़ी की मल्लिका -नेतरहाट
26. भारत का डेट्राइट -पीथमपुर
27. पूर्व का पेरिस- जयपुर
28. सॉल्ट सिटी- गुजरात
29. सोया प्रदेश -मध्य प्रदेश
30. मलय का देश- कर्नाटक
31. दक्षिण भारत की गंगा- कावेरी
32. काली नदी- शारदा
33. ब्लू माउंटेन – नीलगिरी पहाड़ियां
34. एशिया के अंडों की टोकरी – आंध्र प्रदेश
35. राजस्थान का हृदय – अजमेर
36. सुरमा नगरी – बरेली
37. खुशबुओं का शहर -कन्नौज
38. काशी की बहन -गाजीपुर
39. लीची नगर देहरादून
40. राजस्थान का शिमला -माउंट आबू
41. कर्नाटक का रत्न -मैसूर
42. अरब सागर की रानी -कोच्चि
43. भारत का स्विट्जरलैंड -कश्मीर
44. पूर्व का स्कॉटलैंड- मेघालय
45. उत्तर भारत का मैनचेस्टर – कानपुर
46. मंदिरों और घाटों का नगर – वाराणसी
47. धान का डलिया- छत्तीसगढ़
48. भारत का पेरिस -जयपुर
49. मेघों का घर -मेघालय
50. बगीचों का शहर- कपूरथला
51. पृथ्वी का स्वर्ग -श्रीनगर
52. पहाड़ों की नगरी- डुंगरपुर
53. भारत का उद्यान -बेंगलुरू
54. भारत का बोस्टन -अहमदाबाद
55. गोल्डन सिटी -अमृतसर
56. सूती वस्त्रों की राजधानी – मुंबई
57. पवित्र नदी -गंगा
58. बिहार का शोक -कोसी
59. वृद्ध गंगा- गोदावरी
60. पश्चिम
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“द ग्रेट वॉल ऑफ इंडिया” जो देती है चीन की दीवार को टक्कर, जानें इसका रहस्य

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कुम्भलगढ़, उदयपुर, राजस्थान:

चीन के दीवार का नाम विश्व में सभी जानते हैं | आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि भारत में भी एक ऐसी दीवार है जो सीधे तौर पर चीन के दीवार को टक्कर देती है | जिसे भेदने की कोशिश अकबर ने भी की लेकिन भेद न सका। जिसके दीवार की मोटाई इतनी है कि उस पर 10 घोड़े एक साथ दौड़ सकते हैं।

कैसे बनी ये 36 किलोमीटर लंबी दीवार ?

किले के दीवार की निर्माण से जुड़ी कहानी बहुत ही दिलचस्प है | 1443 में राणा कुंभा ने किले का निर्माण शुरू किया लेकिन, जैसे जैसे दीवारों का निर्माण आगे बढ़ा वैसे-वैसे दीवारें रास्ता देते चली गई। दरअसल, इस दीवार का काम इसलिए करवाया जा रहा था ताकि विरोधियों से सुरक्षा हो सके | लेकिन दीवारें थी की बंद होने का नाम ही नहीं ले रही थी | फिर कारिगरों ने राजा को बताया कि यहां पर किसी देवी का वास है।इस किले के लिए चढ़ाई गई संत की बलिदेवी कुछ और ही चाहती हैं राजा इस बात पर चिंतित हो गए और एक संत को बुलाया और सारी गाथा सुनाकर इसका हल पूछा | संत ने बताया कि देवी इस काम को तभी आगे बढ़ने देंगी जब स्वेच्छा से कोई मानव बलि के लिए खुद को प्रस्तुत करे | राजा इस बात से चिंतित होकर सोचने लगे कि आखिर कौन इसके लिए आगे आएगा | तभी संत ने कहा कि वह खुद बलिदान के लिए तैयार है और इसके लिए राजा से आज्ञा मांगी |संत ने कहा कि उसे पहाड़ी पर चलने दिया जाए और जहां वो रुके वहीं उसे मार दिया जाए और वहां एक देवी का मंदिर बनाया जाए |ठीक ऐसा ही हुआ और वह 36 किलोमीटर तक चलने के बाद रुक गया और उसका सिर धड़ से अलग कर दिया गया | जहां पर उसका सिर गिरा वहां मुख्य द्वार है और जहां पर उसका शरीर गिरा वहां दूसरा मुख्य द्वार है |
यह किला चारों तरफ से अरावली की पहाड़ियों की मजबूत ढाल द्वारा सुरक्षित है |इसका निर्माण पंद्रहवी सदी में राणा कुम्भा ने करवाया था। पर्यटक किले के ऊपर से आस पास के रमणीय दृश्यों का आनंद ले सकते हैं | शत्रुओं से रक्षा के लिए इस किले के चारों ओर दीवार का निर्माण किया गया था | ऐसा कहा जाता है कि चीन की महानदीवार के बाद यह एक सबसे लम्बी दीवार है | यह किला 1100 मीटर की ऊंचाई पर समुद्र स्तर से परे क्रेस्ट शिखर पर बनाया गया है। इस किले के निर्माण को पूरा करने में 15 साल का समय लागा |दस घोड़े एक साथ दौड़ते है इसके दीवार पर महाराणा कुंभा के रियासत में कुल 84 किले आते थे जिसमें से 32 किलों का नक्शा उसके द्वारा बनवाया गया था | कुंभलगढ़ भी उनमें से एक है | इस किले की दीवार की चौड़ाई इतनी ज्यादा है कि 10 घोड़ों को एक ही समय में उसपर दौड़ सकते हैं | एक मान्यता यह भी है कि महाराणा कुंभा अपने इस किले में रात में काम करने वाले मजदूरों के लिए 50 किलो घी और 100 किलो रूई का प्रयोग करता था |

यहां है “बादलों का महल”:

बादल महल को ‘बादलों के महल’ के नाम से भी जाना जाता है | यह कुम्भलगढ़ किले के शीर्ष पर स्थित है | इस महल में दो मंजिलें हैं एवं यह संपूर्ण भवन दो आतंरिक रूप से जुड़े हुए खंडों, मर्दाना महल और जनाना महल में विभाजित हैं |इस महल के कमरों के दीवारों पर सुंदर दृश्यों को अंगित किया गया है जो उन्नीसवीं शताब्दी के काल को प्रदर्शित करते हैं |

उस समय भी होता था एसी का प्रयोग

आज भी एसी का प्रयोग कर ऑफिसों में पाइपों के द्वारा ठंढ़क पहूंचाई जाती है | उस समय भी महल के इस परिसर में रचनात्मक वातानुकूलन प्रणाली लगा हुआ था जो आज भी है | यह पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है जिसे देखना एक दिलचस्प बात है | इसमें पाइपों की एक श्रृंखला है जो इन सुंदर कमरों को ठंडी हवा प्रदान करती है और साथ ही कमरों को नीचे से भी ठंडा करती हैं | पर्यटक जनाना महल में पत्थरों की जालियों से बाहर का नजारा देख सकते हैं | ये जालियां रानियों द्वारा दरबार की कार्यवाहीको देखने के लिए प्रयोग में लाई जाती थी |

सुरक्षा ऐसी कि परिंदा भी न मार सके पैर:

सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए इस दुर्ग में ऊंचे स्थानों पर महल, मंदिर व आवासीय इमारतें बनायीं गई और समतल भूमि का उपयोग कृषि कार्य के लिए किया गया वही ढलान वाले भागों का उपयोग जलाशयों के लिए कर इस दुर्ग को यथासंभव स्वावलंबी बनाया गया | इस दुर्ग के भीतर एक और गढ़ है जिसे कटारगढ़ के नाम से जाना जाता है यह गढ़ सात विशाल द्वारों व सुद्रढ़ प्राचीरोंसे सुरक्षित है |इसे बनाते समय रखा गया वास्तु शास्त्र का ध्यान:वास्तु शास्त्र के नियमानुसार बने इस दुर्ग में प्रवेश द्वार, प्राचीर, जलाशय, बाहर जाने के लिए संकटकालीन द्वार, महल, मंदिर, आवासीय इमारते, यज्ञ वेदी, स्तम्भ, छत्रियां आदि बने है |

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आयकर विभाग के छापे के दौरान आने वाली समस्याएॅ और समाधान

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1. आयकर छापे का मुख्य उद्देश्य आयकर
की चोरी को पकड़ना है आयकर की चोरी को रोकना है आयकर का छापा पड़ने का मुख्य कारण इन में से एक है
a. धारा 131(1) या 142(1) में आए नोटिस का विधिवत रुप से पालन नहीं करना। मतलब जवाब नहीं देना या संतुष्टि पूर्ण रूप से जवाब नहीं देना।
b. आयकर अधिकारी को यह विश्वास हो की निर्धारिती के पास अघोषित आय, संपत्ति, ज्वेलरी आदि कम से कम एक करोड है।

2. इसलिए जब भी आयकर का छापा पड़ता है एक व्यक्ति को निम्न चीजों का सामना करना पड़ता है

a. उसके पास जीतने भी लूज पेपर पड़े हैं उन पर लिखे हुए रकमो का हिसाब देना। इंसान का एक स्वाभाविक स्वभाव होता है जितने भी लूज पेपर पड़े होते हैं वह सोचता है कि यह कभी मेरे काम आएंगे। मेरे 30 साल की प्रेक्टिस में मैंने पाया है कि वह सिर्फ उसके खुद के तकलीफ देने के अलावा कोई काम नहीं आता। उसके कारण मानसिक तनाव आर्थिक हानि समय का नुकसान के इलावा कुछ भी हाथ नहीं आता। समझदारी इसी में है कि रोज के रोज लुज़ पेपर को देखकर समझ कर फाड़ देना। कई बार इंसान सोचता है कि यह  पेपर बिल्कुल सही है मैं इसका जवाब दे सकता हूं लेकिन मित्रों ज्यादा समय बीत जाने के बाद हमको याद नहीं आता कि यह पेपर किस काम का था और उसमें उसका संबंध खाता बही से दिखाना बड़ा मुश्किल हो जाता है।
b. इसलिए समझदार व्यक्ति अपने सीऐ को भी कह कर रखता है कि जब आप ऑडिट करें तो मेंरे स्टाफ के पास कितने लूज पेपर्स या रजिस्टर या डायरी पड़े हैं उसका भी रिपोर्ट देवे। विशेष तौर पर अकाउंटेंट चौकीदार स्टोर कीपर सेल्स मैन प्रोजेक्ट डिपार्टमेंट खरीद विभाग प्रोडक्शन विभाग आदि में। रोज़ की रोज़ पेपर फाड़ना रोज़ की रोज़ अकाउंट्स को लिखना रोज़ की रोज़ हिसाब मिलाना अत्यावश्यक है इसकी तो नियम बना ले इसका नियम से पालन भी करें।

c. आपके पास जितनी भी ज्वैलरी पड़ी है उसका समय-समय पर निरीक्षण करके वैल्यूएशन करवाना इसके लिए आयकर विभाग का एक सर्कुलर भी निकला हुआ है जिसके अनुसार घर की प्रत्येक शादीशुदा महिला के लिए 500 ग्राम प्रत्येक अविवाहित महिला के लिए लड़की के ढाई सौ ग्राम तथा प्रत्येक पुरुष या बच्चे का 100 ग्राम ज्वैलरी तक कुछ भी नहीं पूछा जाएगा और यह माना जाएगा यह घोषित है अगर आपको उससे ज्यादा की ज्वैलरी घोषित सिद्ध करनी है तो सभी प्रकार की ज्वैलरी के बिल, उसके भुगतान की रसीद, उसका भुगतान करने का सबूत उस समय की बैंक स्टेटमेंट या बैंक की पासबुक की कॉपी आपके पास होना बहुत आवश्यक है।
d. रोज़ की रोज़ अपने बिजनेस वाली फर्मों के अकाउंटस को तो लिखना आवश्यक है ही अपनी व्यक्तिगत खाता बही को भी रोज की रोज लिखाने की आदत डालें इसके लिए अपने अकाउंटेंट को कहे तथा अपनी ऑडिट वाली टीम को भी कहे की इसकी भी रिपोर्ट देवे।
e. अपने कंप्यूटर को भी महीने में कम से कम एक बार चेक करने की आदत डालें। व्यर्थ की फाइलों को हटाए व्यर्थ के हिसाब को भी हटाए समय-समय पर प्रॉपर फॉर्मेट कराएं सही ढंग से फॉर्मेट करने का तरीका सीख ले व्यर्थ की पेन ड्राइव फ्लॉपी आदि ना रखें समय-समय पर इनको भी चेक करना सीख लें अगर कोई कंप्यूटर पुराना हो गया हो और काम नहीं आ रहा तो उसको बेच दे।
f. अपने परिवार में भी समय-समय पर सारी अलमारीयों को चेक करें व्यर्थ के पेपर व्यर्थ के पेन ड्राइव आदि वहां से भी हटा दें याद रखें इसकी बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है जिसके ऊपर गुजरती है वही जानता है कि यह कितनी बड़ी और समझदारी की राय है अगर समय पर नहीं समझे तो बहुत बड़ी कीमत दे कर ही इसको समझना पड़ता है।
g. मित्रों जब भी आप कोई मूल्यवान संपति खरीदें  जैसे कार ज्वेलरी चांदी सोफा जमीन या जायदाद आदि तो उसका बिल वह भुगतान करने का सबूत बैंक पासबुक या स्टेटमेंट एवं जिसको भुगतान किया है उसकी रसीद एक अलग फाइल में डालने की आदत डाल दे उस फाइल में चाहे 10 साल पुराना भी बिल हो उसी में पड़ा रहने दे जब भी आयकर का छापा पड़ता है तो हर संपत्ति का जवाब देना पड़ता है अगर कोई संपति 6 साल पहले से खरीदी हुई है तो उसका कोई हिसाब नहीं देना पड़ता लेकिन यह साबित करना पड़ता है की इसे 6 साल पहले खरीदा गया था इसलिए बिल बहुत आवश्यक है कोई कारण से बिल नहीं मिल रहा है तो अन्य सबूत जैसे नगर निगम की कोई रसीद ।
h. इसी प्रकार से आपने कोई आयकर चुकाया है तो उसके चालान की प्रति को एक फाइल में डाले आयकर विभाग आपसे 15 साल पुराना या इससे भी ज्यादा पुराना डिमांड का नोटिस दे सकता है क्योंकि कोई समय सीमा नहीं है अगर आपके पास इसके भुगतान की चालान नहीं है तो आपको  मय ब्याज के उसको भरना पड़ेगा।
i. अगर आप किसी फर्म में पार्टनर है या डायरेक्टर है और अब आपका उससे संबंध कोई कारण से हट गया है तो आप तुरंत उस से ऑफिशियली अलग हो जाएं। कारण की अगर उसके छापा पड़ेगा तो आप पर भी छापा पड़ेगा। ध्यान रहे ज्यादातर पूरे ग्रुप पर छापा पड़ता है और विभाग इस बात का ध्यान नहीं रखता कि अभी आप उस में एक्टिव नहीं। है। इसलिए आप जिस जिस में पार्टनर है या डायरेक्टर है तो आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए उस फर्म ने समय पर आयकर का विवरण भर दिया है तथा आयकर चुका दिया है। उस फर्म की आयकर विवरण, बैलेंस सीट, प्रॉफिट एंड लॉस एकाउंट, उस में विद्यमान खाते की कॉपी आदि अपने पास समय समय पर लेकर रखे।
j. अपने घर पर अनाधिकृत रुप से ब्लू फिल्म या शराब आदि नहीं रखे। जब भी आयकर कर का छापा पड़ता है तो विभाग इस का भी ध्यान रखता है और आप को व्यर्थ कानूनी पचड़े में पड़ना पड़ता है।
3. अब कुछ बातें आप के अधिकार के संबंधित
a. आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं छापा मारने वालों के आई कार्ड को मांगकर देख कर जांच कर की छापा मारने वाले आयकर अधिकारी ही है ।
b. आप सर्च वारंट भी देख सकते हैं।
c. शुरू में आप उनकी भी तलाशी ले सकते हैं।
d. महिलाओं की जांच केवल महिला अधिकारी ही कर सकती है
e. अगर आपको बीमारी से संबंधित कोई प्रॉब्लम खड़ी हो गई है तो आप को यह अधिकार है कि आप डॉक्टर को बुलाएं इससे आपको कोई नहीं रोक सकता।
f. बच्चे समय पर स्कूल जा सकते हैं।
g. आप आयकर अधिकारी को समुचित व्यव्हार करने के लिए टोक सकते हैं।
h. जो भी ज्वैलरी जब्त की जाती है उसकी एक प्रॉपर लिस्ट बनाई जाती है उसको एक या अधिक बॉक्स में सील किया जाता है इस समय आप कृपया ध्यान रखें कि उनको सही ढंग से रखा जा रहा है या नहीं। आपको अधिकार है कि आप कहें कि इनको ठीक ढंग से रखें।
i. ज्वेलरी का जब मूल्यांकन किया जाता है उस समय अगर वह ज्वैलरी आपकी नहीं है है तो आप स्पष्ट कर सकते हैं और अगर आपको ध्यान रहे जिस आदमी की ज्वेलरी है उसका नाम बता सकते हैं
j. जब भी ज्वैलरी की मूल्यांकन होती है उसमें आप सावधानी बरतें उस समय अगर आप के बयान भी लिए जा रहे हैं तो आप उनको निवेदन कर दें कि एक बार मूल्यांकन का काम हो जाए उसके बाद बयान जारी रख सकते हैं
k. जो ज्वैलरी जब्त की गई है उसके ऊपर आप भी हस्ताक्षर या अपनी कोई  सील लगा सकते हैं
4. क्या-क्या जब्त किया जा सकता है
a. अघोषित रोकड़, ज्वेलरी, लॉकर, प्रोमिजरी नोट्स, चेक्स, ड्राफ्ट आदि
b. बुक्स ऑफ एकाउंट्स डायरी लूज पेपर रजिस्टर
c. कंप्यूटर हार्ड डिस्क पेन ड्राइव फ्लॉपी आदि
d. संपत्ति से संबंधित कागजात आदि
5. क्या-क्या नहीं जब्त किया जा सकता
a. प्रत्येक शादीशुदा महिलाओं पर 500 ग्राम अविवाहित पर 250 ग्राम मेल सदस्य के लिए 100 ग्राम तक की ज्वैलरी
b. स्थाई संपत्ति जैसे की घर जायदाद या ऑफिस या फैक्ट्री
c. स्टॉक जो की व्यवसाय के संबंधित है
d. वह संपत्ति जो घोषित है आयकर विवरण में या बुक्स ऑफ एकाउंट्स में या वेल्थ टैक्स के रिटर्न में

अब समय आ गया है , हमेँ अस्त्र – शस्त्र उठाने का

अब समय आ गया है , हमेँ अस्त्र – शस्त्र उठाने का।
अब समय आ गया हैँ , उस पाक को जवाब देने का।
जिसने सुला दिये कई भारतीय वीरोँ को भूमि पर ,
नित – नित करता उल्लघँन संघर्ष विराम का
अब वक्त नहीँ हैँ , करने आराम का
अब वक्त आ गया महासंग्राम का।
अपनी इज्जत की रक्षा हेतु , भारत माँ ने पुकारा हैँ।
क्या हैसियत उस नापाक की , जिसने हमेँ ललकारा हैँ।
भारत माँ की रक्षा हेतु , फिर से सीमा पर जाना हैँ।
तो इंतजार किस बात का , लो अस्त्र – शस्त्र।
हो जाओ तैयार साथियोँ , नापाक से टकराना हैँ ।
सवाल हैँ भारत सीमा पर शहीदोँ के मान का।
समय आ गया हैँ , एक बार फिर कुर्बान का।
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पढ़ाई के साथ कमाई करने के 7 आसान टिप्स

ज्यादातर कॉलेज स्टूडेंट्स चाहते हैं कि उनके पास पापा-मम्मी के भेजे हुएरुपये के अलावा भी कुछ रुपये हों तो बेहतर है. शहर में रहने वाले ज्यादातर युवाओं का मानना है उन्हें पढ़ाई करते हुए एक्सट्रा रुपयों की जरूरत होती है.स्टूडेंट्स के पास कई ऐसे विकल्प हैं जिसके सहारे वो कमाई कर सकते हैं.

1. यंगस्टर्सअपना वक्त सोशल मीडिया पर तो बीताते ही हैं. यहां से सोशल मीडिया मार्केटिंग, ब्लॉगिंग से कमाई कर सकते हैं.

2.फोटोग्राफी भी आपकी कमाई का अच्छा जरिया हो सकता है. आपके पास ऑनलाइन प्लेटफॉर्म होने से आप उसे ऐडवर्टाइज भी कर सकते हैं.
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3.आप कई जॉब सर्च पोर्टल्स पर पार्ट टाइम जॉब्स सर्च कर सकते हैं. कई ऐसे पोर्टल्स हैं जहां पर स्टूडेंट्स के लिए पार्ट टाइम नौकरी के अवसर मिलते हैं.

4.आपके शहर में कई कॉलेज होंगे और उनमें फेस्ट तो होते ही रहते होंगे. आप बस पता करते रहें कि कहां होने वाला है फेस्ट और अपने हुनर से पुरस्कार जीतकर अच्छी कमाई कर सकते हैं.

5.आप चाहें तो पम्फलेट बांटकर और पब्लिकेशंस से प्रूफ रीडिंग का काम लेकर भी कमा सकते हैं.

6.आपकी रुचि अगर पढ़ाई-लिखाई में ज्यादा है तो कई जगह आपको किसी विषय परनोट्स बनाने का काम भी मिल सकता है.

7.दो भाषाओं या उससे अधिक की जानकारी है तो आप आर्टिकल ट्रांसलेट करके भी कमा सकते हैं.
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रेलवे प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी सामान्य ज्ञान

1. आदि मानव ने सबस रेलवे प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी सामान्य ज्ञान े पहले सीखा
उत्तर : आग जलाना
2. मेगस्थनीज किसके शासनकाल में भारत आया था ?
उत्तर : चन्द्रगुप्त मौर्य के
3. भारतीय रिजर्व बैंक किस राज्य सरकार के करोबार का निष्पादन नहीं करता है ?
उत्तर : जम्मू और कश्मीर
4. मनुष्य के शरीर में सबसे छोटी ग्रंथि है
उत्तर : पिट्टयूरी
5. के. एल. एम एयरलाइन्स का सम्बन्ध किससे है ?
उत्तर : नीदरलैंड्स से
6. लक्षद्वीप की राजधानी है
उत्तर : कवारत्ती
7. फ्रांसीसी क्रान्ति किस वर्ष शुरू हुई ?
उत्तर : 1789 में
8. किसने अपनी राजधानी दिल्ली से देवगिरि स्थानांतरित की ?
उत्तर : मुहम्मद बिन तुगलक
9. `सांध्य तारे’ का उदय क्या निरूपित करता है ?
उत्तर : पूर्व दिशा
10. `जेसी ओवन्स‘ विश्व पुरस्कार किस क्षेत्र में दिया जाता है ?
उत्तर : खेलकूद में
11. पृथ्वी का ध्रुवीय व्यास उसके विषुवतीय व्यास से कितना कम है ?
उत्तर : 43 किमी.
12. भारत के साथ जिन्होंने सर्वप्रथम व्यापार संबंध बनाए वह थे
उत्तर : पुर्तगाली
13. `फ्लोरेंस नाइटिंगल’ का नाम किस युद्ध से सम्बन्धित है ?
उत्तर : क्रिमीयन युद्ध से
14. 1988 में कौन-सा खेल 64 वर्ष बाद वापस ओलम्पिक खेलों में शामिल हुआ ?
उत्तर : टेनिस
15. बांग्लादेश की संसद का नाम क्या है ?
उत्तर : जातीय संसद
16. बांग्लादेश का सृजन कब हुआ ?
उत्तर : 1971 में
17. महावीर किस राजघराने में पैदा हुए थे ?
उत्तर : क्षत्रिय
18. `फैजी’ किसके दरबार में रहा ?
उत्तर : अकबर के।
19. रोम किस नदी के किनारे स्थित है ?
उत्तर : टाइबर नदी
20. सहारा मरुस्थल कहाँ है ?
उत्तर : उत्तरी अफ्रीका में
21. कालाहारी रेगिस्तान कहाँ है ?
उत्तर : दक्षिण-पश्चिमी अफ्रीका में
22. विश्व खाद्य पुरस्कार पाने वाला प्रथम भारतीय कौन था ?
उत्तर : डॅा. एम. एस. स्वामीनाथन
23. कोनेरू हम्पी किस क्षेत्र से संबंधित है ?
उत्तर : खेल और खिलाड़ी से
24. `कॅाम्यूनिस्ट’ मैनिफेस्टो किसने लिखी ?
उत्तर : कार्ल माक्स ने
25. सूर्य प्रकाश कितने मिनट धरती तक पहुंचने में लेता है ?
उत्तर : लगभग 8.3 मिनट

जब हरयाणवी ताऊ मोबाईल खरीदने गया

एक हरयाणवी ताऊ मोबाईल खरीदने गया…

दुकानदार:- हाँ ताऊ कूण सा मोबाईल दिखाऊं ?

ताऊ :- भाई SAMSUNG NOTE4 दे दे..

दुकानदार:- ताऊ Lava, Nokia या Micromax ले ले। NOTE 4 तेरी समझ मा कोन्या आवै..!!

ताऊ:- ना भाई, मन्नै तो NOTE4 ही चईयै..

दुकानदार:- पर ताऊ NOTE4 ही क्यूँ.?

ताऊ:-  क्यूँके बावले उस मा कान खुजाण वाली  डंडी आवै सै..!!